मुक्केबाज़ी
रिंग के बाहर का दौर: भारतीय मुक्केबाज़ी में अंतराल, वज़न वर्ग और सरकारी नौकरी की तालपटियाला के एनआईएस परिसर में सुबह की पहली घंटी सात बजे बजती है, और मुक्केबाज़ी...
पेरिस में छह मुक्केबाज़, शून्य तमगे: हार पंचों से नहीं, वेट-क्लास के काग़ज़ों से हुईनॉर्थ पेरिस एरिना की उस रात स्कोरबोर्ड पर 3-2 टिमटिमा रहा था और मेरे नोटबुक क...
रिलीज़ फ़ॉर्म से LA28 तक: भारतीय मुक्केबाज़ी का खाली साल और उसका दस्तावेज़ी हिसाब71 किलो का क्वार्टर फ़ाइनल ख़त्म हुआ, स्कोरबोर्ड पर 4-1 चमका, और मैक्सिको के...
वज़न बदल गए, नाम वही रहे: भारतीय मुक्केबाज़ी के उस सीज़न की रिपोर्ट जो किसी बाइलाइन में नहीं आईफ़रवरी की सुबह थी और वेट-इन कक्ष में क़तार लगी थी। मेरे ठीक आगे खड़ा लड़का —...
214 नामों का विभागीय रोस्टर: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली अर्थव्यवस्था कहाँ बैठती हैअहमदाबाद की अपनी डेस्क पर बैठकर मैंने इस साल का पहला चार महीना एक ही सवाल को...
71 किलो की रस्सी पर लटका एक करियर: पेरिस से LA28 तक भारतीय मुक्केबाज़ी का अनघोषित पैच नोटअगस्त 2026, नॉर्थ पेरिस एरिना। तीसरे राउंड की घंटी बजी, निशांत देव ने रस्सी प...
